गठिया के घरेलू उपचार




आज कल हमारी दिनचर्या हमारे खान -पान से  इसका रोग 45 -50 वर्ष के बाद बहुत से लोगो में पाया जा रहा है ।इसमें हमारे शरीर के जोडों में दर्द होता है,    हमारे शरीर मे यूरिक एसीड की मात्रा बढ जाती है। यूरिक एसीड के कण घुटनों व अन्य जोडों में जमा हो जाते हैं, इस रोग में रात को जोडों का दर्द बढता है और सुबह अकडन मेहसूस होती है।

*दो बडे चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह और शाम एक गिलास मामूली गर्म जल से लें। एक शोध में कहा है कि चिकित्सकों ने नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया। इस प्रयोग से केवल एक हफ़्ते में 30 प्रतिशत रोगी दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी इसकी वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये।

*लहसुन की 10 कलियों को 100 ग्राम पानी एवं 100 ग्राम दूध में मिलाकर पकाकर उसे पीने से दर्द में शीघ्र ही लाभ होता है।

*सुबह के समय सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करने से भी दर्द से स्थाई रूप से छुटकारा मिलता है।
*एक चम्मच मैथी बीज रात भर साफ़ पानी में गलने दें। सुबह पानी निकाल दें और मैथी के बीज अच्छी तरह चबाकर खाएं।मैथी बीज की गर्म तासीर मानी गयी है। यह गुण जोड़ों के दर्द दूर करने में मदद करता है।

*रोगी 4-6 लीटर पानी पीने की आदत डालें। इससे ज्यादा पेशाब होगा और अधिक से अधिक विजातीय पदार्थ और यूरिक एसीड बाहर निकलते रहेंगे।

*एक बड़ा चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की 3-4 कुली पीसकर डाल दें, इसे इतना गरम करें कि लहसुन भली प्रकार पक जाए, फिर इसे आच से उतारकर मामूली गरम हालत में इससे जोड़ों की मालिश करने से दर्द में तुरंत राहत मिल जाती है।
*प्रतिदिन नारियल की गिरी के सेवन से भी जोड़ो को ताकत मिलती है।

*आलू का रस 100 ग्राम प्रतिदिन भोजन के पूर्व लेना बहुत हितकर है।

*प्रात: खाली पेट एक लहसन कली, दही के साथ दो महीने तक लगातार लेने से जोड़ो के दर्द में आशातीत लाभ प्राप्त होता है।

*250 ग्राम दूध एवं उतने ही पानी में दो लहसुन की कलियाँ, 1-1 चम्मच सोंठ और हरड़ तथा 1-1 दालचीनी और छोटी इलायची डालकर उसे अच्छी तरह से धीमी आँच में पकायें। पानी जल जाने पर उस दूध को पीयें, शीघ्र लाभ प्राप्त होगा
*संतरे के रस में 15 ग्राम कार्ड लिवर आईल मिलाकर सोने से पूर्व लेने से गठिया में बहुत लाभ मिलता है।

*अमरूद की 4-5 नई कोमल पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर रोजाना खाने से  काफी राहत मिलती है।
*काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गर्म करें। उसके बाद ठंडा होने पर उस तेल को मांसपेशियों पर लगाएं, दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।
*दो तीन दिन के अंतर से खाली पेट अरण्डी का 10 ग्राम तेल पियें। इस दौरान चाय-कॉफी कुछ भी न लें जल्दी ही फायदा होगा।

*दर्दवाले स्थान पर अरण्डी का तेल लगाकर, उबाले हुए बेल के पत्तों को गर्म-गर्म बाँधे इससे भी तुरंत लाभ मिलता है।

*गाजर को पीस कर इसमें थोड़ा सा नीम्बू रस मिलाकर रोजाना सेवन करें । यह जोड़ो के लिगामेंट्स का पोषण कर दर्द से राहत दिलाता है।

*हर सिंगार के ताजे 4-5 पत्ती को पानी के साथ पीस ले, इसका सुबह-शाम सेवन करें , अति शीघ्र स्थाई लाभ प्राप्त होगा ।

*अपनी क्षमतानुसार हल्का व्यायाम अवश्य ही करना चाहिए क्योंकि इनके लिये अधिक परिश्रम करना या अधिक बैठे रहना दोनों ही नुकसान दायक हैं।

*100 ग्राम लहसुन की कलियां लें।इसे सैंधा नमक,जीरा,हींग,पीपल,काली मिर्च व सौंठ 5-5 ग्राम के साथ पीस कर मिला लें। फिर इसे अरंड के तेल में भून कर शीशी में भर लें। इसे एक चम्मच पानी के साथ दिन में दो बार लें|
*जेतुन के तैल से मालिश करने से भी बहुत लाभ मिलता है।सौंठ का एक चम्मच पावडर का नित्य सेवन बहुत लाभप्रद है।

*हरी साग सब्जी का इस्तेमाल बेहद फ़ायदेमंद रहता है। पत्तेदार सब्जियो का रस भी बहुत लाभदायक रहता है।

*जामुन की छाल को खूब उबालकर इसका लेप घुटनों पर लगाने से आराम मिलता है।

गिरते बालों के लिए घरेलू उपचार


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आज दुनिया के करोड़ों लोग चाहे पुरूष हों या स्त्री बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। बालों की देखभाल सही तरह से न की जाये तो बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। हालांकि सामान्यत: लोगों के बाल झड़ते हैं लेकिन सामान्य से ज्यादा बाल झड़ रहे हैं तो समझिए कि समस्या गम्भीर हैं। बाल झड़ने के पीछे तनाव, इन्फेक्शन, हार्मोन्स का असंतुलन, पोषक पदार्थों की कमी, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, लापरवाही बरतना या बालों की सही देखभाल न करना घटिया साबुन और शैंपू का प्रयोग आदि कई कारण हो सकते है। यहाँ पर हम पेश कर रहे हैं कुछ नुस्खे जो हमेँ गिरते बालों की समस्या से बचाएंगे ।

*बालों का गिरना रोकने और बालों की वृद्धि के लिए सप्ताह में एक बार अपने बालों की रोज़मेरी ऑयल से मसाज कीजिए, इससे बाल मजबूत होते हैं।

*बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए बालों को भरपूर पोषण दीजिए। मेंहदी में भरपूर पोषण होता है जो बालों के लिए फायदेमंद है, इसलिए बालों में मेहंदी लगानी चाहिए।मेंहदी को अंडे के साथ मिलाकर लगाने से भी बहुत फायदा होता है

*बालों के झड़ने का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधियों की कमी भी है। नियमित रूप से कसरत या व्यायाम नहीं करने से हमारे अन्दर का रक्तसंचार कमज़ोर पड़ जाता है जिसकी वजह से उन छिद्रों को, जहाँ से बाल उगते हैं, ज़रुरत के हिसाब से पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते इससे बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं और बाल गिरने लगते हैं। बालों को गिरने से रोकने के लिए रोजाना कम से कम पन्द्रह मिनिट की कसरत अनिवार्य है।

*नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।

*हमारे शरीर की बनावट में पानी की मात्रा कुछ ज्यादा, लगभग दो तिहाई होती है। आपकी त्वचा, बाल, रक्त, शुक्राणु, इन सबको स्वस्थ रहने के लिए और अपना कार्य सक्षमता से करने के लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है।रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पीने से हमारे रक्तसंचार में सुधार होता है हमारे अन्दर किसी भी रोग को रोकने की शक्ति पैदा होती है। हमारे बालों की जड़ें भी मज़बूत हो जाती हैं। पानी से हमारा वज़न भी कम हो जाता है। पानी हमारे बालों में भी एक नयी चमक पैदा करता है, और उन्हें स्वस्थ और मज़बूत रखता है। तो अगर आप अपने बालों को गिरने से रोकना चाहते हैं तो आप पानी पीने कोइ भी कंजूसी ना करें वरन जी भर के पानी पीजिये।

*दही एक बहुत ही अचूक घरेलू नुस्खा है। दही से बालों को पोषण मिलता है। बालों को धोने से कम से कम 1/2 पहले बालों में दही लगाइये और जब यह पूरी तरह सूख जाएं तो उसे पानी से धो लीजिए। *बालों को धोने से एक घंटा पहले बालों में अंडे लगाने से भी बाल मजबूत होते हैं।

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*दही में नींबू का रस मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। नींबू के रस को दही में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। नहाने से पहले इस पेस्ट को बालों में लगाइए, 30 मिनट बाद बालों को धुल लीजिए। बालों का गिरना कम हो जाएगा।

*बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। इससे भी बालों में चमक आती है और झड़ना भी बन्द होता है ।

*शहद के प्रयोग से भी बालों का झडऩा रोका जा सकता है। सप्ताह में एक बार एक चम्मच शहद और एक चम्मच नीबूं को मिलाकर नहाने से 1/2 घंटा पहले अपने बालों में लगाने से बालों का गिरना बहुत कम हो जाता है। *दालचीनी और शहद को मिलाकर भी बालों में लगाइए। इससे भी बालों का झड़ना बंद होता है।

*बालों को विडामिन डी की भी आवश्यकता होती है । विटामिन डी बालों को बढ़ने में काफी मददगार साबित होता है । जब आप अपने शरीर पर कम से कम 15 मिनिट के लिए भी सूर्य की किरणें पड़ने देते हैं, तो आपको उस दिन के लिए ज़रूरी मात्रा में विटामिन डी की खुराक मिल जाती है। लेकिन ध्यान रहे, बहुत ज्यादा गर्मी या तपती धूप आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए आप सूर्य की किरणों का फायदा सुबह या शाम को ही उठाइए।

*दस मिनट तक कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। इससे बाल भी नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ भी नहीं होगी।

*कई लोग बालों की झडने का शिकार गलत खाने की वजह से भी होते हैं।जंक फ़ूड , डब्बाबंद आहार, तैलीय खाना आदि में पौष्टिक तत्वों की कमी होती है इससे हमारे शरीर को सही मात्रा में आयरन, कैल्सियम , जिंक , विटामिन सी और प्रोटीन वगैरह नहीं मिल पाते। यह सब बालों के बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं इसीलिए जंक फूड को छोड़कर हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दूध, अंडे खाइए जिससे कि हमारे जीवन में पौष्टिक आहारों की कमी ना रहे ।

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*गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर उनका पेस्ट बनाकर नहाने से पहले उसे लगाने से भी बालों का गिरना कम होता है।

*बालों में सप्ताह में एक बार तिल का तेल जरूर लगाएं। इस तेल के लगातार उपयोग से बाल गिरना बंद हो जाते हैं।

*आधा कप दही में एक ग्राम काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं, शीघ्र ही बहुत फायदा होगा।

*धूम्रपान और शराब हमारे पूरे शरीर के लिये हानिकारक है यह हमारे शरीर में ऐसे विषैले तत्व पैदा करते है जो की हमारे बालों के लिए बहुत हीं हानिकारक होते हैं। इसलिए यदि आप अपने शरीर और अपने बालों से प्यार करते है तो इनके सेवन से पूरी तरह से परहेज करें।

उक्त रक्तचाप के उपचार ( High B.p)


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रक्तचाप जिसे हाईपरटेंशन भी कहते हैं एक बहुत ही गंभीर और भयंकर रोग है क्योंकि अगर रोगी को सही समय पर सही चिकित्सीय मदद नहीं मिलती तो इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हैंमरेज, वगैरह भी होने की संभावना रहती है। वह रोग है जिसमें हृदय के संकुचन की अवस्था में रक्त वाहिकाओं में रक्त का दबाव पारे के 140 mm से ज्यादा या हृदय के विस्तारण की अवस्था में 90 mm से ज्यादा रहता है या दोनों अवस्थाओं में ज्यादा रहता है। इसकी वजह है शारीरिक गतिविधियों की कमी। मोटापा, तनाव, खाने पीने में लापरवाही, गंभीर बीमारियाँ, अनुवांशिक बीमारियाँ, धूम्रपान, नशा ।

●  मुख्य कारणों में से एक है आपके रक्त का गाढ़ा होना। रक्त गाढ़ा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। जिससे नसों और धमनियों पर दबाव पड़ता है। लहसुन में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेनट्स , जैसे कि सेलेनियम, विटामिन सी और एलीसीन होते है, जो कि रक्त को पतला करने में काफी प्रभावशाली होते हैं। इसीलिए सुबह सुबह कच्चे लहसुन के दो तीन कली के टुकड़े चबाने से या उसके महीन टुकड़े करके निगलने से काफी फायदा पहुँचता है।

● नमक का प्रयोग कम करना चाहिए।एक चम्मच आंवले का रस और एक ही चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।

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● पपीता भी बहुत लाभकारी है, इसे खाली पेट चबा-चबाकर खाना चाहिए ।

● तरबूज के बीज तथा खसखस को अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। प्रतिदिन खाली पेट एक चम्मच पानी के साथ लें।

● गाजर और पालक का रस मिलाकर एक गिलास सुबह-शाम पीने से लाभ मिलता है।

● जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीना चाहिए।

● जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास हल्के गर्म पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोलकर 2-2 घंटे में पीते रहें।


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● करेला और सहजन की फ़ली का नित्य सेवन हितकारी हैं।सौंफ़, जीरा, शक्‍कर तीनों को बराबर लेकर पाउडर बना लें। इसे एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।

● पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं।

●  सुबह शाम एक टुकड़ा अदरक का काली मिर्च के साथ चूसना चाहिए ।

● लाल मिर्च के सेवन से नसें और रक्त वाहिकाएं चौड़ी हो जाती हैं,जिससे रक्त प्रवाह सहज हो जाता है और रक्तचाप नीचे आ जाता है।

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● बिना आटे से चोकर निकाले गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खानी चाहिए ।

● पाँच ग्राम मेथीदाना पाउडर द्रह दिनों तक सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे भी लाभ मिलता है।

● प्रतिदिन नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट जरूर चलें, इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।

पथरी के रामबाण घरेलू उपाय


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किडनी में स्टोन की समस्या आजकल आम हो चली है। इसकी बड़ी वजह खान-पान की गलत आदतें होती हैं। जब नमक एवं अन्य खनिज (जो हमारे मूत्र में होते हैं) वे एक दूसरे के संपर्क में आते है या अगर किसी कारण से पेशाब गाढा हो जाता है तो किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं जिन्हे गुर्दे की पथरी के रूप में जाना जाता है।

■ नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है।प्रतिदिन पानी पीना चाहिए।

■ करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस नामक तत्व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं।

■ 15 दाने बडी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।

■ अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इनमें पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते है इसलिए अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में भी उत्कृष्ट रूप में कार्य करता है।

■ पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

■ आप आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें। अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर, दिन में चार बार पीने से शीघ्र ही फायदा होता है।

■ आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।

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■ लगभग 70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें। सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।

■ जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

■ सहजन की सब्जी खाने से टूटकर बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।

■केला जरूर खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है। विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्टोन के इलाज में काफी मददगार माना जाता है ।

■ मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए, इस घोल को पीजिए।ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।

■ कम से कम एक महीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए ।

■ जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

■ पत्थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है। नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा रहता है।

■ बेल पत्थर पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।आठवें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं। दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।

ऑयली स्किन के लिए घरेलू उपाय


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ऑयली स्किन महिलाओं की बड़ी समस्‍या है। वक्‍त की कमी के चलते यह समस्‍या और ज्‍यादा बढ़ गई है। हमारे आहार में पोषण की कमी ने इस समस्‍या में इजाफा ही किया है। खुद को बचाने के लिए त्‍वचा अधिक मेहनत करती है और परिणामस्‍वरूप वह तेल का निर्माण करने लगती है
    इस स्किन वाले लोगों को चेहरे पर चिपचिपाहट महसूस होती रहती है। शॉवर के फौरन बाद उनका चेहरा ऑयली और मैला लगने लगता है।और साथ ही इससे आपका मेकअप भी बहुत जल्‍दी पिघल जाता है। मैल और मिट्टी के जो कण त्‍वचा के साथ चिपक जाते हैं, वे आगे चलकर एक्‍ने और त्‍वचा संबंधी अन्‍य परेशानियों का कारण बनते हैं।
■ अपनी त्‍वचा को क्‍ली‍न करने का सबसे पहला नियम है कि आप उस पर जमा अतिरिक्‍त ऑयल निकालें। दिन में दो बार सुबह और शाम चेहरा धोने की आदत बनायें।लेकिन, अपने चेहरे को बार-बार धोने से बचें। ज्‍यादा बार धोने से कुदरती पोषण कम होता है।

■ भले ही आप मेकअप लगाने की आदी न हों, लेकिन इसे हटाना कभी न भूलें। सोने से पहले अच्‍छे से क्‍लींजर से मेकअप हटाये और चेहरा धोकर सोने जाएं। मेकअप रिमूविंग क्रीम और ऑयली फेस के लिए फेसवॉश इस्‍तेमाल करें। आपको ऐसा फेसवॉश इस्‍तेमाल करना चाहिए जिसमें से‍लिसिलिक एसिड हो।

■ चेहरा साफ करने के बाद उस पर एस्ट्रिंगजेंट लगाएं। याद रखें वह अल्‍कोहोलिक न हो। साथ ही दिन में एक बार से ज्‍यादा इसका इस्‍तेमाल न करें। ये उत्‍पाद त्‍वचा को रूखा कर सकते हैं। त्‍वचा विशेषज्ञ से सलाह लेकर दिन में दो बार एक्‍ने से लड़ने वाली क्रीम लगाइए।


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■ आपकी त्‍वचा के लिए माश्‍चराइजर बहुत जरूरी है। लेकिन,ऐसा चुनें जो आपकी त्‍वचा के लिए सही हो।    आपको ऐसा नहीं लगाना चाहिए जिसमें कोका बटर और मिनरल ऑयल हों। नॉन-कॉमेडोजेनिक आपके लिए सही रहेगा।
■ भले ही आसमान में बादल छा रहे हों, लेकिन आपको सनस्‍क्रीन लगाये बिना घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। आपका सनस्‍क्रीन कम से कम 15 एसपीएफ होना चाहिए।
■ सेब को काटकर उसे ब्‍लैंड कर लीजिए। इसमें थोड़ा शहद मिला लीजिए। इस मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दीजिए। इसके बाद गुनगुने पानी से धो लीजिए।
■ बादाम के तेल में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिला लीजिए। इस मिश्रण को चेहरे पर लगा लीजिए। इस प्रयोग को एक महीने तक कीजिए। और इसके बाद आपको बहुत अच्‍छे नतीजे मिलेंगे।
■ पपीते को मैश कर लीजिए और इसे अच्‍छे से मिला लीजिए। इस मिश्रण से अपने चेहरे पर मसाज कीजिए और इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दीजिए। इसके बाद इसे ठंडे पानी से धो लीजिए।

Types of vitamins

            विटामिन के प्रकार

कितने विटामिन हैं? हमारे शरीर की जरूरत है और प्रत्येक खेलने के लिए अपनी विशेष भूमिका है कि 13 विभिन्न विटामिन हैं.
पानी में घुलनशील घुलनशील या वसा - विटामिन दो प्रकार के हो सकते हैं. कुछ खाद्य पदार्थों में वसा में घुलनशील विटामिन होते हैं. हम इन खाद्य पदार्थ खाते हैं, शरीर में इन विटामिनों अवशोषित और फिर जिगर में या हमारे शरीर की वसा ऊतकों में उन्हें संग्रहीत करता है. दूसरों के रूप में लंबे समय से 6 महीने के रूप में के लिए रह सकते हैं, जबकि उनमें से कुछ, केवल कुछ दिनों के लिए वहाँ रहना. जरूरत पड़ने पर वे K रूप में शरीर द्वारा उपयोग किया जाता है. वसा में घुलनशील विटामिन विटामिन A, D, E और k हैं शरीर में पानी में घुलनशील विटामिन विटामिन सी और सभी बी विटामिन हैं.

               विटामिन A

विटामिन ए अच्छी दृष्टि के लिए बहुत आवश्यक है. इसकी प्रमुख समारोह प्रकाश और रंग भावना और देखने के लिए हमारी आंखों में मदद करता है जो रेटिना का उत्पादन होता है. यह भी विकास में मदद करता है और स्वस्थ त्वचा को बढ़ावा देता है. विटामिन ए की कमी के कारण रात का अंधापन पैदा कर सकता है. विटामिन ए दूध, जिगर, अंडे, मछली जिगर के तेल, पीले फल और सब्जियां (गाजर, cantaloupes, शकरकंद), और हरी पत्तेदार सब्जियों (पालक, collards, गोभी) में पाया जाता है.

               विटामिन B

यह विटामिन का एक बड़ा समूह है. वे हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद मिलेगी और यह भी हमारे शरीर में हमारे रक्त में ऑक्सीजन ले. वे शरीर की ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में मदद क्योंकि इस तरह वे, हमारी चयापचय के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. विटामिन बी दिल, पाचन, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा में अंडे, डेयरी उत्पाद, जिगर, अंडा, मीट, मछली, सेम, मटर, हरी पत्तेदार सब्जियों, और ऐसे में गेहूं और जई के रूप में साबुत अनाज में पाया जा सकता है.

             
                विटामिन C

विटामिन सी इसे प्रभावी ढंग से बैक्टीरिया और वायरस से बचाने के लिए अनुमति हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत. यह घाव और कटौती चंगा करने में मदद करता है, और स्वस्थ हमारे मसूड़ों और मांसपेशियों रहता है. यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और स्कर्वी से बचाता है. विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ है कि सभी खट्टे फल, cantaloupes, स्ट्रॉबेरी, टमाटर, आलू, फूलगोभी, हरी पत्तेदार सब्जियों और मिर्च हैं.

                विटामिन D

विटामिन डी हमारे दांत और हड्डियों को मजबूत और अधिक कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए हमारे शरीर में मदद करता है. इस विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ दूध, अंडे, मछली, कॉड लिवर तेल, जिगर और गढ़वाले अनाज कर रहे हैं.

                विटामिन E

विटामिन ई एंटी ऑक्सीडेंट गुणों में समृद्ध है और हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थों को लड़ता है. यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और लाल रक्त कोशिकाओं के रूप में मदद करता है. पागल, गेहूं के बीज, साबुत अनाज, सार्डिन, अंडे, स्प्राउट्स, ब्रोकोली और हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन ई से समृद्ध होती हैं

How to stay positive

                                          मन से नकारात्मकता हटाने के उपाय

सामाजिक जीवन में अपने आसपास के लोगों का बुरा व्यवहार अक्सर हमें दुखी और निराश करता है लेकिन इस तरह की स्थितियों को खुद पर हावी न होने दें बल्कि उनसे पूरी सकारात्मकता के साथ निपटें।
दफ्तर से लेकर आस-पड़ोस तक हम खुद को ऐसे लोगों और ऐसे व्यवहार के बीच पाते हैं जो हमारे भीतर असंतुलन और असहजता पैदा करता है। जो हमारे भीतर की शांति में खलल पैदा करता है।
दूसरों का कटुतापूर्ण व्यवहार हालांकि हमें बहुत तकलीफ पहुंचाता है लेकिन हम उनके तौर-तरीकों को बदल नहीं सकते। जिस तरह हम चाहते हैं उस तरह तो कतई नहीं। अपनी शांति के लिए नकारात्मकता से निपटने का तरीके खोजना ही आपके पास विकल्प हो सकता है। सकारात्मक होकर ही आप इस नकारात्मकता को जीत सकते हैं।-

                                               छींटाकशी से दूर की राह

अगर आप किसी ऐसी जगह हैं जहां लोग नकारात्मक टिप्पणियों या छींटाकशी में रस ले रहे हों या फिर दूसरों का उपहास कर रहे हों तो ऐसी जगह और स्थिति से खुद को बाहर निकालना ही ठीक है। जैसे ही आपको भान हो कि इस तरह की बातचीत आपके स्वभाव से मेल नहीं खाती है तुरंत उन लोगों के बीच से निकल जाना चाहिए। अगर किसी कारण से आप ऐसी जगह से नहीं निकल पा रहे हैं तो भी इस तरह की बातचीत में हिस्सा लेने से बचें, प्रतिक्रिया व्यक्त करने से दूरी बनाएं।
 
                                               आलोचना से दूरी बनाएं

नकारात्मक टिप्पणियों, आलोचनात्मक दृष्टिकोण को व्यक्तिगत रूप से न लें। दूसरों की हताशा का असर खुद पर न पड़ने दें। दूसरों की हताशा और गुस्से पर अगर आप कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे तो उसका फायदा आपको अपने व्यक्तित्व में दिखाई देगा। अक्सर आप दूसरों के साथ उलझने पर अपने मन को खराब कर बैठते हैं। प्रयास के साथ इससे बचें।
 
                                                सकारात्मकता पर ध्यान दें

हर दिन अपने जीवन की तीन सकारात्मक बातों पर ध्यान दें। उन लोगों को याद करें जिन्होंने आपके दिन को अच्छा बनाया। उन लोगों को भूल जाएं जिनके साथ आपकी झड़प हुई हो। अपने दिन की बुरी घटनाओं के प्रभाव से अपनी शाम को खराब न होने दें। इस तरह आप अपने दिन को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे।

       
                                                 ज्यादा अपेक्षाओं से बचें

अपने मन मुताबिक दूसरों से काम की अपेक्षा रखना आपको निराश ही करेगा इसलिए लोगों से न्यूनतम अपेक्षाएं रखें। उन्हें बताएं भी नहीं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। जब आप उन्हें यह बताते हैं कि आपकी अपेक्षाएं क्या हैं और फिर भी चीजें ठीक नहीं होती तो आपको ज्यादा निराशा होती है और इसलिए सामाजिक जीवन में लोगों को ऐसे निर्देश देने से बचें। सामान्य तौर पर अगर आप उन्हें कोई बात समझा सकते हैं तो बस उतना ही प्रयास करें।
 
                                             प्रतिक्रियाओं पर गंभीर न हों

अक्सर आपके प्रयासों को लेकर लोग नकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं और ऐसे में उन प्रतिक्रियाओं को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। नकारात्मक प्रतिक्रियाओं को आपकी राह की बाधा न बनने दें। हमेशा ऐसे लोगों की बातों को भुलाने के लिए खुद को किसी सकारात्मक गतिविधि के साथ जोड़ें। बेहतर होगा कि ऐसे लोगों की बातों को अपने अनुरूप दिशा में मोड़ लें।
 
                                                   सफलता की खुशी

दिनभर में जो छोटी सफलताएं आपने प्राप्त की हैं उनका जश्न मनाएं। अपनी कमियों को लेकर बहुत ज्यादा सख्त नजरिया अपनाने से बचें। दूसरों के प्रति भी अधिक आलोचना भरा नजरिया न रखें और उनके छोटे-छोटे प्रयासों की सराहना करें। इस तरह आप उन्हें प्रेरित कर पाएंगे और खुद भी अच्छा महसूस करेंगे। इस तरह आप बेहतर टीम भी बना पाएंगे।

                                                    नकारात्मकता से बचें

जब भी कोई खराब स्थिति बनती है तो हमारे सामने दो विकल्प होते हैं कि हम उस पर प्रतिक्रिया दें या फिर चुप रहें। जो हो चुका है उस पर बात करके वातावरण को अधिक कटु बनाने के बजाय भविष्य के लिए बेहतर योजनाओं के बारे में सोचना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। निराशा के बजाय ऐसे समय सकारात्मक बातें करना टीम को प्रेरित करेगा।
 

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