दिल की बीमारियों के घरेलू उपचार

भारत में हार्ट अटैक या दिल की बिमारियों से हर साल लाखों लोगो की मौत होती है। यह बीमारी तनाव, दूषित खानपान, शूगर, ब्लड प्रैशर या मोटापे की वजह से ज्यादा होती है। इसलिए बीमारी में डाक्टर से तुरंत परामर्श लेना जरूरी हो जाता है। वैसे इस बीमारी से समय रहते थोड़ा ध्यान रख कर भी निश्चित ही बचा जा सकता है।
*खाने में सरसों तेल का नियमित इस्तेमाल स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है इसमें आवश्यक फैटी एसिड अनुपात से दिल की बीमारी के जोखिम को 70 प्रतिशत कम किया जा सकता है।

*कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट छील कर खाने से खून का संचार ठीक रहता है और दिल को मजबूत बनाता है,इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

*सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल बेहतर ढंग से काम करता है।

*शहद दिल को मजबूत बनाता है। इसलिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन अवश्य ही लें।

*रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।

*लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर इस सप्ताह में कम से कम 2-3 बार खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है।

*अनार के रस में में मिश्री मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है।

*बादाम खाने से दिल सेहतमंद रहता है क्योंकि इसमें विटामिन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।

*अर्जुन छाल और प्याज को बराबर पीस कर समान मात्रा में तैयार कर प्रतिदिन आधा चम्मच दूध के साथ लेने से हृदय रोगों में बहुत ही लाभ मिलता है।

*खाने में अलसी के तेल का प्रयोग करें । अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जिससे भी दिल मजबूत होता है ।

*छोटी इलायची और पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ खाने से भी दिल मजबूत रहता है।

*दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर नित्य खाने से भी बहुत फायदा होता है।

*गाजर के रस को शहद में मिलाकर पीने से भी दिल मजबूत होता है।

*अलसी के पत्ते और सूखे धनिए का काढ़ा बनाकर पीने से भी ह्रदय की कमजोरी मिटती है।

कान दर्द के घरेलू उपचार

सर्दी या बरसात के मौसम में कान के रोग हो जाते है। अगर इनका समय से इलाज नहीं किया गया तो सुनने की शक्ति पर असर पड़ सकता है। सर्दी ,लगातार तेज और कर्कश ध्वनि, कान में चोंट, कान में कीडा घुसना या संक्रमण,कान में अधिक मैल जमा होना या नहाते समय कान में पानी प्रविष्ठ होना इनमें से किसी भी कारण से कान में रोग हो सकता है। अगर आपको भी कान के दर्द की समस्या सता रही है तो अपनाएं ये उपाय।

*अदरख का रस निकालकर दो बूँद कान में टपका देने से भी कण के दर्द एवं सूजन में लाभ मिलता है।
*लहसुन की दो कलीयों को अच्छी तरह से पीसकर इसमें एक चुटकी नमक मिलाकर वूलेन कपडे से बनायी गयी पुल्टीस को दर्द वाले हिस्से पर रखें ,जल्दी ही दर्द में आराम होगा।

*10 मिलि तिल के तेल में 3 लहसुन की कली पीसकर इसे किसी बर्तन में गरम करें।फिर छानकर शीशी में भरलें। इसकी 4-5 बूंदें जिस कान में समस्या हो उसमें टपका दें।कान दर्द में लाभ प्रद नुस्खा है।
*जेतुन का तेल हल्का गरम करके कान में डालने से भी कान के दर्द में राहत मिलती है।

*प्याज का रस निकाल लें,अब रुई के फाये को इस रस में डुबोकर इसे कान के उपर निचोड़ दें ,इससे कान में उत्पन्न सूजन,दर्द , एवं संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है।

*तुलसी की ताज़ी पतियों को निचोड़कर दो बूँद कान में टपकाने से कान दर्द से राहत देता है।

*पांच ग्राम मैथी के बीज को एक बडा चम्मच तिल के तेल में गरम करें। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। अब इसे 2 बूंद दूध के साथ कान में टपकादें। कान पीप का यह बहुत ही कारगार इलाज माना जाता है।

*अदरक के रस में नींबू का रस मिलाएं और इसकी चार पांच बूंदें कान में डालें। आधे घंटे के बाद कान को रुई से साफ कर दें।
*दो या तीन बूँद सरसों का तेल कान में डालने से कान के संक्रमण में तुरंत लाभ मिलता है।

*अपने भोजन में अधिक से अधिक विटामिन -सी युक्त पदार्थों जैसे :अमरुद ,नींबू ,संतरे ,पपीते अदि फलों का प्रयोग करें ये कान के दर्द को कम करने में लाभ देते है।

*केले की पेड की हरी छाल निकालें। इसे गरम करके सोते वक्त इसकी 3-4 बूंदें कान में डालें । कान दर्द की यह बहुत ही उम्दा दवा है।

*मुलहठी कान दर्द में उपयोगी है। इसे घी में भूनकर बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। फिर इसे कान में लगाएं। कुछ ही मिनिट में दर्द बिलकुल समाप्त होगा।

*एक मूली के बारीक टुकडे करके उसे सरसों के तेल में पकावें। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें ।कान दर्द में इसकी 2-4 बूंदे दिन में 3-4 बार टपकाने से जल्दी ही आराम मिलता है।

*अजवाईन का तेल और तिल का तेल 1:3 में मिलाएं, इसे मामूली गरम करके कान में 2-4 बूंदे टपका दें। कान दर्द में यह बहुत उपयोगी है।

मोच के घरेलु उपचार

कई बार काम करते समय, खेलते कूदते सीढ़ी चढ़ते हमें यह मालूम ही नहीं हो पाता कि हमारे हाथ-पाँव या कमर में मोच लग गई है, लेकिन कुछ समय बाद उस जगह दुःखने पर हमें यह पता लगता है। मोच आने पर उस अंग पर सूजन आ जाती है और काफी दर्द होने लगता है , अगर आपको असहनीय दर्द या ज्यादा परेशानी है तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ ,लेकिन यदि मोच छोटी है तो आप उस का घरेलू उपचार भी कर सकते है ।

* मोच के स्थान पर चने बांधकर उन्हें पानी से भिगोते रहें। जैसे-जैसे चने फूलेंगे वैसे-वैसे मोच दूर होती जाएगी, यह बहुत ही कारगर इलाज माना गया है।

* सरसो और हल्दी को गर्म करके उसे मोच वाले स्थान पर लगायें और उस पर एरण्ड के पत्ते को रखकर पट्टी बांध दें।

* 50 ग्राम तिल के तेल में 2 ग्राम अफीम को अच्छी तरह से मिलाकर मोच वाले अंग पर मालिश करने से काफी लाभ मिलता है।

* फिटकरी के 3 ग्राम चूर्ण को आधा किलो गर्म दूध के साथ लेने से मोच और भीतरी चोट जल्दी ही ठीक हो जाती है।

* 10-10 ग्राम नौसादर और कलमी शोरा को पीसकर उसे 200 ग्राम पानी में मिलाएं फिर इसमें कपड़ा भिगोकर बार-बार मोच के ऊपर लगाने से शीघ्र लाभ होता है।

* मोच वाले अंग पर शहद और चूना मिलाकर उससे दिन में 2-3 बार हल्की मालिश करने से जल्दी आराम होता है।

* मोच वाले स्थान पर तेजपत्ता और लौंग को पीसकर उसका लेप लगायें। इससे धीरे-धीरे मोच के कारण आने वाली सूजन और दर्द दूर हो जाता है।

* कड़वे तेल में अजवायन और लहसुन जलाकर उस तेल की मालिश करने से हर प्रकार की मोच और बदन दर्द दूर हो जाता है।

* मोच व सूजन पर ग्वारपाठे का रस लगाने से भी शीघ्र ही काफी आराम मिलता है।

* पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर, उस पत्ते को हल्का गर्म करके मोच वाले अंग पर बांध दें।


* पान का पत्ता या आम का पत्ते को अच्छी तरह से साफ और चिकना कर उस पर नमक लगा कर मोच वाले स्थान पर बांधने से काफी लाभ होता है।

* मोच आ जाने पर इमली की पत्तियों को पीसकर उसे गुनगुना करके उसका लेप लगाने से भी तुरंत ही आराम मिलता है।

* चोट लगने पर नमक में काले तिल, सूखा नारियल और हल्दी मिला कर पीस कर गरम करके चोट वाले स्थान पर बांधने से शीघ्र ही आराम मिलता है।

* तुलसी के पत्तों के रस तथा सरसों के तेल को एक साथ मिलाकर उसे थोड़ी-थोड़ी देर बाद दिन में 4-5 बार मोच वाले अंग पर लगाना ठीक रहता है।


* अखरोट के तेल की मालिश करने से भी मोच और हाथ पैरों की ऐंठन दूर हो जाती है।

* नमक को धीमी आग पर काफी सेंककर गर्म-गर्म ही किसी मोटे कपड़े में बांधकर मोच वाली जगह पर सिंकाई करने से आराम मिलता है।

* नमक और सरसों के तेल को एक साथ मिलाकर उसे गर्म करके मोच वाले अंग पर लगाने से लाभ मिलता है।

* नमक और हल्दी को बारीक पीसकर उसे मोच पर लगाने से मोच या चोट के कारण होने वाले दर्द में शीघ्र ही आराम मिलता है।

गठिया के घरेलू उपचार




आज कल हमारी दिनचर्या हमारे खान -पान से  इसका रोग 45 -50 वर्ष के बाद बहुत से लोगो में पाया जा रहा है ।इसमें हमारे शरीर के जोडों में दर्द होता है,    हमारे शरीर मे यूरिक एसीड की मात्रा बढ जाती है। यूरिक एसीड के कण घुटनों व अन्य जोडों में जमा हो जाते हैं, इस रोग में रात को जोडों का दर्द बढता है और सुबह अकडन मेहसूस होती है।

*दो बडे चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह और शाम एक गिलास मामूली गर्म जल से लें। एक शोध में कहा है कि चिकित्सकों ने नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया। इस प्रयोग से केवल एक हफ़्ते में 30 प्रतिशत रोगी दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी इसकी वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये।

*लहसुन की 10 कलियों को 100 ग्राम पानी एवं 100 ग्राम दूध में मिलाकर पकाकर उसे पीने से दर्द में शीघ्र ही लाभ होता है।

*सुबह के समय सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करने से भी दर्द से स्थाई रूप से छुटकारा मिलता है।
*एक चम्मच मैथी बीज रात भर साफ़ पानी में गलने दें। सुबह पानी निकाल दें और मैथी के बीज अच्छी तरह चबाकर खाएं।मैथी बीज की गर्म तासीर मानी गयी है। यह गुण जोड़ों के दर्द दूर करने में मदद करता है।

*रोगी 4-6 लीटर पानी पीने की आदत डालें। इससे ज्यादा पेशाब होगा और अधिक से अधिक विजातीय पदार्थ और यूरिक एसीड बाहर निकलते रहेंगे।

*एक बड़ा चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की 3-4 कुली पीसकर डाल दें, इसे इतना गरम करें कि लहसुन भली प्रकार पक जाए, फिर इसे आच से उतारकर मामूली गरम हालत में इससे जोड़ों की मालिश करने से दर्द में तुरंत राहत मिल जाती है।
*प्रतिदिन नारियल की गिरी के सेवन से भी जोड़ो को ताकत मिलती है।

*आलू का रस 100 ग्राम प्रतिदिन भोजन के पूर्व लेना बहुत हितकर है।

*प्रात: खाली पेट एक लहसन कली, दही के साथ दो महीने तक लगातार लेने से जोड़ो के दर्द में आशातीत लाभ प्राप्त होता है।

*250 ग्राम दूध एवं उतने ही पानी में दो लहसुन की कलियाँ, 1-1 चम्मच सोंठ और हरड़ तथा 1-1 दालचीनी और छोटी इलायची डालकर उसे अच्छी तरह से धीमी आँच में पकायें। पानी जल जाने पर उस दूध को पीयें, शीघ्र लाभ प्राप्त होगा
*संतरे के रस में 15 ग्राम कार्ड लिवर आईल मिलाकर सोने से पूर्व लेने से गठिया में बहुत लाभ मिलता है।

*अमरूद की 4-5 नई कोमल पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर रोजाना खाने से  काफी राहत मिलती है।
*काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गर्म करें। उसके बाद ठंडा होने पर उस तेल को मांसपेशियों पर लगाएं, दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।
*दो तीन दिन के अंतर से खाली पेट अरण्डी का 10 ग्राम तेल पियें। इस दौरान चाय-कॉफी कुछ भी न लें जल्दी ही फायदा होगा।

*दर्दवाले स्थान पर अरण्डी का तेल लगाकर, उबाले हुए बेल के पत्तों को गर्म-गर्म बाँधे इससे भी तुरंत लाभ मिलता है।

*गाजर को पीस कर इसमें थोड़ा सा नीम्बू रस मिलाकर रोजाना सेवन करें । यह जोड़ो के लिगामेंट्स का पोषण कर दर्द से राहत दिलाता है।

*हर सिंगार के ताजे 4-5 पत्ती को पानी के साथ पीस ले, इसका सुबह-शाम सेवन करें , अति शीघ्र स्थाई लाभ प्राप्त होगा ।

*अपनी क्षमतानुसार हल्का व्यायाम अवश्य ही करना चाहिए क्योंकि इनके लिये अधिक परिश्रम करना या अधिक बैठे रहना दोनों ही नुकसान दायक हैं।

*100 ग्राम लहसुन की कलियां लें।इसे सैंधा नमक,जीरा,हींग,पीपल,काली मिर्च व सौंठ 5-5 ग्राम के साथ पीस कर मिला लें। फिर इसे अरंड के तेल में भून कर शीशी में भर लें। इसे एक चम्मच पानी के साथ दिन में दो बार लें|
*जेतुन के तैल से मालिश करने से भी बहुत लाभ मिलता है।सौंठ का एक चम्मच पावडर का नित्य सेवन बहुत लाभप्रद है।

*हरी साग सब्जी का इस्तेमाल बेहद फ़ायदेमंद रहता है। पत्तेदार सब्जियो का रस भी बहुत लाभदायक रहता है।

*जामुन की छाल को खूब उबालकर इसका लेप घुटनों पर लगाने से आराम मिलता है।

गिरते बालों के लिए घरेलू उपचार


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आज दुनिया के करोड़ों लोग चाहे पुरूष हों या स्त्री बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। बालों की देखभाल सही तरह से न की जाये तो बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। हालांकि सामान्यत: लोगों के बाल झड़ते हैं लेकिन सामान्य से ज्यादा बाल झड़ रहे हैं तो समझिए कि समस्या गम्भीर हैं। बाल झड़ने के पीछे तनाव, इन्फेक्शन, हार्मोन्स का असंतुलन, पोषक पदार्थों की कमी, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, लापरवाही बरतना या बालों की सही देखभाल न करना घटिया साबुन और शैंपू का प्रयोग आदि कई कारण हो सकते है। यहाँ पर हम पेश कर रहे हैं कुछ नुस्खे जो हमेँ गिरते बालों की समस्या से बचाएंगे ।

*बालों का गिरना रोकने और बालों की वृद्धि के लिए सप्ताह में एक बार अपने बालों की रोज़मेरी ऑयल से मसाज कीजिए, इससे बाल मजबूत होते हैं।

*बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए बालों को भरपूर पोषण दीजिए। मेंहदी में भरपूर पोषण होता है जो बालों के लिए फायदेमंद है, इसलिए बालों में मेहंदी लगानी चाहिए।मेंहदी को अंडे के साथ मिलाकर लगाने से भी बहुत फायदा होता है

*बालों के झड़ने का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधियों की कमी भी है। नियमित रूप से कसरत या व्यायाम नहीं करने से हमारे अन्दर का रक्तसंचार कमज़ोर पड़ जाता है जिसकी वजह से उन छिद्रों को, जहाँ से बाल उगते हैं, ज़रुरत के हिसाब से पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते इससे बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं और बाल गिरने लगते हैं। बालों को गिरने से रोकने के लिए रोजाना कम से कम पन्द्रह मिनिट की कसरत अनिवार्य है।

*नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।

*हमारे शरीर की बनावट में पानी की मात्रा कुछ ज्यादा, लगभग दो तिहाई होती है। आपकी त्वचा, बाल, रक्त, शुक्राणु, इन सबको स्वस्थ रहने के लिए और अपना कार्य सक्षमता से करने के लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है।रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पीने से हमारे रक्तसंचार में सुधार होता है हमारे अन्दर किसी भी रोग को रोकने की शक्ति पैदा होती है। हमारे बालों की जड़ें भी मज़बूत हो जाती हैं। पानी से हमारा वज़न भी कम हो जाता है। पानी हमारे बालों में भी एक नयी चमक पैदा करता है, और उन्हें स्वस्थ और मज़बूत रखता है। तो अगर आप अपने बालों को गिरने से रोकना चाहते हैं तो आप पानी पीने कोइ भी कंजूसी ना करें वरन जी भर के पानी पीजिये।

*दही एक बहुत ही अचूक घरेलू नुस्खा है। दही से बालों को पोषण मिलता है। बालों को धोने से कम से कम 1/2 पहले बालों में दही लगाइये और जब यह पूरी तरह सूख जाएं तो उसे पानी से धो लीजिए। *बालों को धोने से एक घंटा पहले बालों में अंडे लगाने से भी बाल मजबूत होते हैं।

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*दही में नींबू का रस मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। नींबू के रस को दही में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। नहाने से पहले इस पेस्ट को बालों में लगाइए, 30 मिनट बाद बालों को धुल लीजिए। बालों का गिरना कम हो जाएगा।

*बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। इससे भी बालों में चमक आती है और झड़ना भी बन्द होता है ।

*शहद के प्रयोग से भी बालों का झडऩा रोका जा सकता है। सप्ताह में एक बार एक चम्मच शहद और एक चम्मच नीबूं को मिलाकर नहाने से 1/2 घंटा पहले अपने बालों में लगाने से बालों का गिरना बहुत कम हो जाता है। *दालचीनी और शहद को मिलाकर भी बालों में लगाइए। इससे भी बालों का झड़ना बंद होता है।

*बालों को विडामिन डी की भी आवश्यकता होती है । विटामिन डी बालों को बढ़ने में काफी मददगार साबित होता है । जब आप अपने शरीर पर कम से कम 15 मिनिट के लिए भी सूर्य की किरणें पड़ने देते हैं, तो आपको उस दिन के लिए ज़रूरी मात्रा में विटामिन डी की खुराक मिल जाती है। लेकिन ध्यान रहे, बहुत ज्यादा गर्मी या तपती धूप आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए आप सूर्य की किरणों का फायदा सुबह या शाम को ही उठाइए।

*दस मिनट तक कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। इससे बाल भी नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ भी नहीं होगी।

*कई लोग बालों की झडने का शिकार गलत खाने की वजह से भी होते हैं।जंक फ़ूड , डब्बाबंद आहार, तैलीय खाना आदि में पौष्टिक तत्वों की कमी होती है इससे हमारे शरीर को सही मात्रा में आयरन, कैल्सियम , जिंक , विटामिन सी और प्रोटीन वगैरह नहीं मिल पाते। यह सब बालों के बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं इसीलिए जंक फूड को छोड़कर हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दूध, अंडे खाइए जिससे कि हमारे जीवन में पौष्टिक आहारों की कमी ना रहे ।

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*गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर उनका पेस्ट बनाकर नहाने से पहले उसे लगाने से भी बालों का गिरना कम होता है।

*बालों में सप्ताह में एक बार तिल का तेल जरूर लगाएं। इस तेल के लगातार उपयोग से बाल गिरना बंद हो जाते हैं।

*आधा कप दही में एक ग्राम काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं, शीघ्र ही बहुत फायदा होगा।

*धूम्रपान और शराब हमारे पूरे शरीर के लिये हानिकारक है यह हमारे शरीर में ऐसे विषैले तत्व पैदा करते है जो की हमारे बालों के लिए बहुत हीं हानिकारक होते हैं। इसलिए यदि आप अपने शरीर और अपने बालों से प्यार करते है तो इनके सेवन से पूरी तरह से परहेज करें।

उक्त रक्तचाप के उपचार ( High B.p)


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रक्तचाप जिसे हाईपरटेंशन भी कहते हैं एक बहुत ही गंभीर और भयंकर रोग है क्योंकि अगर रोगी को सही समय पर सही चिकित्सीय मदद नहीं मिलती तो इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हैंमरेज, वगैरह भी होने की संभावना रहती है। वह रोग है जिसमें हृदय के संकुचन की अवस्था में रक्त वाहिकाओं में रक्त का दबाव पारे के 140 mm से ज्यादा या हृदय के विस्तारण की अवस्था में 90 mm से ज्यादा रहता है या दोनों अवस्थाओं में ज्यादा रहता है। इसकी वजह है शारीरिक गतिविधियों की कमी। मोटापा, तनाव, खाने पीने में लापरवाही, गंभीर बीमारियाँ, अनुवांशिक बीमारियाँ, धूम्रपान, नशा ।

●  मुख्य कारणों में से एक है आपके रक्त का गाढ़ा होना। रक्त गाढ़ा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। जिससे नसों और धमनियों पर दबाव पड़ता है। लहसुन में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेनट्स , जैसे कि सेलेनियम, विटामिन सी और एलीसीन होते है, जो कि रक्त को पतला करने में काफी प्रभावशाली होते हैं। इसीलिए सुबह सुबह कच्चे लहसुन के दो तीन कली के टुकड़े चबाने से या उसके महीन टुकड़े करके निगलने से काफी फायदा पहुँचता है।

● नमक का प्रयोग कम करना चाहिए।एक चम्मच आंवले का रस और एक ही चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।

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● पपीता भी बहुत लाभकारी है, इसे खाली पेट चबा-चबाकर खाना चाहिए ।

● तरबूज के बीज तथा खसखस को अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। प्रतिदिन खाली पेट एक चम्मच पानी के साथ लें।

● गाजर और पालक का रस मिलाकर एक गिलास सुबह-शाम पीने से लाभ मिलता है।

● जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीना चाहिए।

● जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास हल्के गर्म पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोलकर 2-2 घंटे में पीते रहें।


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● करेला और सहजन की फ़ली का नित्य सेवन हितकारी हैं।सौंफ़, जीरा, शक्‍कर तीनों को बराबर लेकर पाउडर बना लें। इसे एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।

● पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं।

●  सुबह शाम एक टुकड़ा अदरक का काली मिर्च के साथ चूसना चाहिए ।

● लाल मिर्च के सेवन से नसें और रक्त वाहिकाएं चौड़ी हो जाती हैं,जिससे रक्त प्रवाह सहज हो जाता है और रक्तचाप नीचे आ जाता है।

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● बिना आटे से चोकर निकाले गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खानी चाहिए ।

● पाँच ग्राम मेथीदाना पाउडर द्रह दिनों तक सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे भी लाभ मिलता है।

● प्रतिदिन नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट जरूर चलें, इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।

पथरी के रामबाण घरेलू उपाय


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किडनी में स्टोन की समस्या आजकल आम हो चली है। इसकी बड़ी वजह खान-पान की गलत आदतें होती हैं। जब नमक एवं अन्य खनिज (जो हमारे मूत्र में होते हैं) वे एक दूसरे के संपर्क में आते है या अगर किसी कारण से पेशाब गाढा हो जाता है तो किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं जिन्हे गुर्दे की पथरी के रूप में जाना जाता है।

■ नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है।प्रतिदिन पानी पीना चाहिए।

■ करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस नामक तत्व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं।

■ 15 दाने बडी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।

■ अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इनमें पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते है इसलिए अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में भी उत्कृष्ट रूप में कार्य करता है।

■ पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

■ आप आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें। अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर, दिन में चार बार पीने से शीघ्र ही फायदा होता है।

■ आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।

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■ लगभग 70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें। सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।

■ जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

■ सहजन की सब्जी खाने से टूटकर बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।

■केला जरूर खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है। विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्टोन के इलाज में काफी मददगार माना जाता है ।

■ मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए, इस घोल को पीजिए।ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।

■ कम से कम एक महीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए ।

■ जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

■ पत्थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है। नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा रहता है।

■ बेल पत्थर पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह काली मिर्च खाएं। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन ऐसे सात काली मिर्च तक पहुंचे।आठवें दिन से काली मिर्च की संख्या घटानी शुरू कर दें और फिर एक तक आ जाएं। दो सप्ताह के इस प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है। याद रखें एक बेल पत्थर दो से तीन दिन तक चलेगा।

Information about Iron

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